हुमायूँ एवं शेरशाह सूरी – UPSC/PCS Complete Notes + MCQ Mock Test
(Humayun and Sher Shah Suri – Medieval Indian History)
Table of Contents
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प्रस्तावना
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बाबर के बाद भारत की राजनीतिक स्थिति
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हुमायूँ : परिचय एवं उत्तराधिकार
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हुमायूँ के शासन की प्रमुख चुनौतियाँ
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चौसा एवं कन्नौज का युद्ध
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हुमायूँ का निर्वासन एवं ईरान प्रवास
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हुमायूँ की वापसी और द्वितीय शासन
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शेरशाह सूरी : परिचय एवं उदय
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शेरशाह सूरी की प्रशासनिक व्यवस्था
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शेरशाह सूरी की राजस्व व्यवस्था
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शेरशाह सूरी की सैन्य एवं न्याय व्यवस्था
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सड़क, संचार एवं डाक व्यवस्था
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शेरशाह सूरी का ऐतिहासिक महत्व
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हुमायूँ बनाम शेरशाह सूरी : तुलनात्मक अध्ययन
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UPSC/PCS में हुमायूँ एवं शेरशाह सूरी का महत्व
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Humayun & Sher Shah Suri Mock Test (MCQs)
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Sample MCQs (UPSC/PCS Level)
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FAQs
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निष्कर्ष
प्रस्तावना
हुमायूँ एवं शेरशाह सूरी (Humayun and Sher Shah Suri)
भारतीय मध्यकालीन इतिहास का वह चरण है जहाँ—
✔ मुगल शासन अस्थायी रूप से समाप्त हुआ
✔ अफगान शासन का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण सामने आया
✔ प्रशासनिक सुधारों की मजबूत नींव पड़ी
1526 में मुगल साम्राज्य की स्थापना के बाद
👉 हुमायूँ का शासन संघर्षों से भरा रहा,
जबकि
👉 शेरशाह सूरी का अल्पकालीन शासन अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुआ।
बाबर के बाद भारत की राजनीतिक स्थिति
बाबर की मृत्यु (1530 ई.) के बाद—
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मुगल सत्ता नई और अस्थिर
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अफगान सरदारों का विरोध
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क्षेत्रीय शक्तियों का पुनरुत्थान
➡ यही स्थिति हुमायूँ–शेरशाह संघर्ष की पृष्ठभूमि बनी।
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हुमायूँ : परिचय एवं उत्तराधिकार
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पूरा नाम: नसीरुद्दीन मुहम्मद हुमायूँ
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बाबर का पुत्र
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राज्यारोहण: 1530 ई.
प्रमुख विशेषताएँ:
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उदार स्वभाव
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कमजोर राजनीतिक निर्णय
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भाइयों के प्रति अत्यधिक सहिष्णुता
➡ यही गुण उसके लिए कमजोरी बन गए।
हुमायूँ के शासन की प्रमुख चुनौतियाँ
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अफगान विद्रोह
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भाइयों का विरोध
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वित्तीय संकट
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सैन्य संगठन की कमजोरी
➡ हुमायूँ समय पर निर्णायक कदम नहीं उठा सका।
चौसा एवं कन्नौज का युद्ध
✔ चौसा का युद्ध (1539 ई.)
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हुमायूँ बनाम शेरखाँ
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हुमायूँ की पराजय
✔ कन्नौज का युद्ध (1540 ई.)
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निर्णायक युद्ध
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हुमायूँ की पूर्ण पराजय
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भारत से निष्कासन
➡ यहीं से शेरशाह सूरी का शासन प्रारंभ हुआ।
हुमायूँ का निर्वासन एवं ईरान प्रवास
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लगभग 15 वर्ष का निर्वासन
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ईरान (सफवी शासन) से सहायता
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फारसी संस्कृति का प्रभाव
➡ इससे मुगल संस्कृति में फारसी तत्वों का प्रवेश हुआ।
हुमायूँ की वापसी और द्वितीय शासन
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1555 ई. में दिल्ली पर पुनः अधिकार
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शासन अवधि अल्पकालीन
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1556 ई. में आकस्मिक मृत्यु
➡ वास्तविक सुदृढ़ीकरण अकबर के समय हुआ।
शेरशाह सूरी : परिचय एवं उदय
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वास्तविक नाम: फरीद ख़ान
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अफगान सरदार
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उपाधि: शेरशाह
➡ अल्प समय में सशक्त प्रशासनिक शासक के रूप में उभरा।
शेरशाह सूरी की प्रशासनिक व्यवस्था
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केंद्रीकृत शासन
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प्रांत–सरकार–परगना प्रणाली
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अधिकारियों पर सख्त नियंत्रण
➡ प्रशासनिक कुशलता का उत्कृष्ट उदाहरण।
शेरशाह सूरी की राजस्व व्यवस्था
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भूमि का मापन
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उपज के आधार पर कर
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नकद राजस्व
➡ बाद में अकबर ने इसी व्यवस्था को अपनाया।
सैन्य एवं न्याय व्यवस्था
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स्थायी सेना
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सख्त न्याय व्यवस्था
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भ्रष्टाचार पर नियंत्रण
➡ “न्यायप्रिय शासक” की छवि।
सड़क, संचार एवं डाक व्यवस्था
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ग्रैंड ट्रंक रोड का विकास
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सराय एवं डाक चौकियाँ
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व्यापार और प्रशासन में सुविधा
➡ आधुनिक संचार प्रणाली की नींव।
शेरशाह सूरी का ऐतिहासिक महत्व
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श्रेष्ठ प्रशासक
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सुधारवादी शासक
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मुगल प्रशासन का आधार
➡ अल्प शासन, परंतु दीर्घकालिक प्रभाव।
हुमायूँ बनाम शेरशाह सूरी : तुलनात्मक अध्ययन
| बिंदु | हुमायूँ | शेरशाह सूरी |
|---|---|---|
| शासन | कमजोर | अत्यंत सुदृढ़ |
| प्रशासन | असंगठित | कुशल |
| सैन्य | कमजोर | मजबूत |
| ऐतिहासिक प्रभाव | सीमित | व्यापक |
UPSC/PCS में इस विषय का महत्व
अक्सर पूछे जाते हैं—
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चौसा एवं कन्नौज युद्ध
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शेरशाह की प्रशासनिक व्यवस्था
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हुमायूँ की असफलता के कारण
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मुगल–अफगान संघर्ष
➡ इसलिए यह Mock Test Prelims + Mains दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Humayun & Sher Shah Suri Mock Test (MCQs – UPSC/PCS)
यह Mock Test विशेष रूप से
UPSC/PCS Prelims को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
✔ Covers:
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हुमायूँ का शासन
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शेरशाह सूरी के सुधार
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युद्ध एवं प्रशासन
👉 Humayun & Sher Shah Suri Mock Test
Sample MCQs (UPSC/PCS Level)
1. चौसा का युद्ध कब हुआ?
✔ 1539 ई.
2. कन्नौज के युद्ध के बाद किसने सत्ता संभाली?
✔ शेरशाह सूरी
3. ग्रैंड ट्रंक रोड का विकास किसने किया?
✔ शेरशाह सूरी
4. हुमायूँ ने निर्वासन के दौरान किस देश से सहायता ली?
✔ ईरान
5. शेरशाह सूरी की राजस्व व्यवस्था का आधार क्या था?
✔ भूमि मापन एवं उपज
FAQs
Q1. क्या हुमायूँ एवं शेरशाह UPSC में बार-बार पूछे जाते हैं?
हाँ, बहुत बार।
Q2. क्या यह Mock Test PCS के लिए भी उपयोगी है?
बिल्कुल।
Q3. क्या यह केवल Prelims के लिए है?
नहीं, Mains answer enrichment के लिए भी।
Q4. क्या यह मोबाइल-friendly है?
हाँ, Google Form आधारित।
निष्कर्ष
हुमायूँ एवं शेरशाह सूरी का अध्ययन यह स्पष्ट करता है कि—
✔ केवल वैधता पर्याप्त नहीं
✔ कुशल प्रशासन ही शासन की सफलता की कुंजी है
यह अध्याय असफलता और सफलता दोनों से सीखने का सर्वोत्तम उदाहरण है।
यह लेख आपको—
✔ प्रमाणिक Notes
✔ परीक्षा-उन्मुख विश्लेषण
✔ Humayun & Sher Shah Suri MCQ Mock Test
✔ Sample प्रश्न
—एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है।
